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सुबह कुछ और शाम को कुछ और तबीयत रहती है | शायरी | करन मिश्रा
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प्यार की राहों से ज़िंदगी यूं गुजर रही है | शायरी | करन मिश्रा
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गुजरते वक्त को यूं ही जिसने गुजरने दिया | शायरी | करन मिश्रा
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टूटेगा दिल जब तेरा आएगी याद हमारी | शायरी | करन मिश्रा
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तेरी निगाहें मुझे ढूंढती होगीं | शायरी | करन मिश्रा




