इंतज़ार नहीं करना | शायरी | करन मिश्रा
इंतज़ार नहीं करना | शायरी | करन मिश्रा

इंतज़ार नहीं करना | शायरी | करन मिश्रा

इंतज़ार नहीं करना,
ऐतबार नहीं करना,
ऐ बेवफा तुझसे मुझको अब,
प्यार नहीं करना|

आँखें चार नहीं करना,
दिल को बीमार नहीं करना।
ऐ बेवफा अब तेरा मुझको,
दीदार नहीं करना।

दिल-ए-ज़ार नहीं करना,
तुमसे तकरार नहीं करना।
अब गम की बरिसा से गीला,
संसार नहीं करना।

Intezaar Nahi Karana,
Aitabaar Nahi Karana,
Ai Bewafa Tujhse Mujhko Ab,
Pyar Nahi Karana

Aakhein Char Nahi Karana,
Dil Ko Bimar Nahi Karana.
Ai Bewafa Ab Tera Mujhko,
Didaar Nahi Karana.

Dil-e-zaar Nahi Karana,
Tumse Takrar Nahi Karana.
Ab Gam Ki Barisa Se Gila,
Sansar Nahi Karana.

इंतज़ार नहीं करना | शायरी | करन मिश्रा
इंतज़ार नहीं करना | शायरी | करन मिश्रा
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Karan Mishra

करन मिश्रा को प्रारंभ से ही गीत संगीत में काफी रुचि रही है । आपको शायरी, कविताएं एवं‌‌ गीत लिखने का भी बहुत शौक है । आपको अपने निजी जीवन में मिले अनुभवों के आधार पर प्रेरणादायक विचार एवं कहानियां लिखना काफी पसंद है । करन अपनी कविताओं एवं विचारों के माध्यम से पाठको, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करने का प्रयत्न करते हैं ।

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