किसी के दिल के बगिया में महकने की उमर हैं ये। शायरी | करन मिश्रा
किसी के दिल के बगिया में महकने की उमर हैं ये। शायरी | करन मिश्रा

किसी के दिल के बगिया में महकने की उमर हैं ये। शायरी | करन मिश्रा

चहकने की उमर है ये बहकने की उमर है ये,
किसी के प्यार में दर-दर भटकने की उमर है ये ।
जवानी है वही जो प्यार की राहों में कुर्बान हो,
किसी के दिल के बगिया में महकने की उमर हैं ये।

Chahakane Kee Umar Hai Ye Bahakane Kee Umar Hai Ye,
Kisee Ke Pyaar Mein Dar-dar Bhatakane Kee Umar Hai Ye .
Javaanee Hai Vahee Jo Pyaar Kee Raahon Mein Kurbaan Ho,
Kisee Ke Dil Ke Bagiya Mein Mahakane Kee Umar Hain Ye.

किसी के दिल के बगिया में महकने की उमर हैं ये। शायरी | करन मिश्रा
किसी के दिल के बगिया में महकने की उमर हैं ये। शायरी | करन मिश्रा



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Karan Mishra

करन मिश्रा को प्रारंभ से ही गीत संगीत में काफी रुचि रही है । आपको शायरी, कविताएं एवं‌‌ गीत लिखने का भी बहुत शौक है । आपको अपने निजी जीवन में मिले अनुभवों के आधार पर प्रेरणादायक विचार एवं कहानियां लिखना काफी पसंद है । करन अपनी कविताओं एवं विचारों के माध्यम से पाठको, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करने का प्रयत्न करते हैं ।

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