जो जागूँ मैं तुम्हारी भी नींद उड़ जाए । शायरी | करन‌ मिश्रा
जो जागूँ मैं तुम्हारी भी नींद उड़ जाए । शायरी | करन‌ मिश्रा

जो जागूँ मैं तुम्हारी भी नींद उड़ जाए । शायरी | करन‌ मिश्रा

तुम्हारा हाल भी हमारे हाल जैसा हो जाए,
जो जागूँ मैं तुम्हारी भी नींद उड़ जाए।
तुम्हारी रूह हमारी रूह में शामिल हो ऐसे,
जो रोऊं मैं तुम्हारी भी आंख भर जाए।

Tumhara Hal Bhi Hamare Hal Jaisa Ho Jaye,
Jo Jagun Main Tumhari Bhi Neend Udh Jaye.
Tumhari Ruh Hamari Ruh Me Samil Ho Aise,
Jo Roun Mai Tumhari Bhi Aakh Bhar Jaye.

जो जागूँ  मैं तुम्हारी भी नींद उड़ जाए । शायरी | करन‌ मिश्रा
जो जागूँ मैं तुम्हारी भी नींद उड़ जाए । शायरी | करन‌ मिश्रा



• Best शायरी यहाँ पढें

• Best Love शायरी यहाँ पढें

• Best Sad शायरी यहाँ पढें



author

Karan Mishra

करन मिश्रा को प्रारंभ से ही गीत संगीत में काफी रुचि रही है । आपको शायरी, कविताएं एवं‌‌ गीत लिखने का भी बहुत शौक है । आपको अपने निजी जीवन में मिले अनुभवों के आधार पर प्रेरणादायक विचार एवं कहानियां लिखना काफी पसंद है । करन अपनी कविताओं एवं विचारों के माध्यम से पाठको, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करने का प्रयत्न करते हैं ।

इन्हें भी पढें...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Buy Medicine