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Karan Mishra

करन मिश्रा को प्रारंभ से ही गीत संगीत में काफी रुचि रही है । आपको शायरी, कविताएं एवं‌‌ गीत लिखने का भी बहुत शौक है । आपको अपने निजी जीवन में मिले अनुभवों के आधार पर प्रेरणादायक विचार एवं कहानियां लिखना काफी पसंद है । करन अपनी कविताओं एवं विचारों के माध्यम से पाठको, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करने का प्रयत्न करते हैं ।

तोहरे पीछे पीछे जिनगी बेकार हो गईल | भोजपुरी गीत | करन मिश्रा

तोहरे पीछे पीछे जिनगी बेकार हो गईल, काहें बुझेलू नाही तोहसे प्यार हो गईल ।(2), तोहरे पीछे पीछे जिनगी बेकार हो गईल,(2), काहें बुझेलू नाही तोहसे प्यार हो गईल ।(2) अब त जिअल‌ औरी मरल दुसवार हो गईल काहें बुझेलू नाही तोहसे प्यार हो गईल । अब त जिअल‌ औरी मरल दुसवार हो गईल, काहें […]

तोहरा बिना लागे नाही जियरा हो तु ही बताव का करी – भोजपुरी गीत | करन मिश्रा

तोहरा बिना लागे नाही जियरा हो तु ही बताव का करी, घड़ी-घड़ी ताकि राह तोहरा हो तु ही बताव का करी। तोहरा बिना लागे नाही जियरा हो तु ही बताव का करी, घड़ी-घड़ी ताकि राह तोहरा हो तु ही बताव का करी। तोहरा बिना लागे नाही जियरा हो तु ही बताव का करी, तोहरा बिना […]

ना हो मंजूर जो तुमको न ऐसी बात करते है | शायरी | करन मिश्रा

ना हो मंजूर जो तुमको न ऐसी बात करते है, तुम दिन को रात कहती हो तो हम भी रात कहते हैं। ना हो तुमको यकीन तो बात और है मगर हम तो तुम्हीं से प्यार करते हैं तुम्हीं से प्यार करते हैं। तुम्हीं से प्यार करते हैं हां ये इकरार करते हैं। Na Ho […]

तू रखें पांव जिस जमीं पे वो जमी ही जन्नत है | शायरी | करन मिश्रा

कौन कहता है कि जन्नत आसमां मे है, ऐ खुदा तू रखें पांव जिस जमी पे वो जमीं ही जन्नत है। Kaun Kahata Hai Ki Jannat Aasamaan Me Hai, Ai Khuda Too Rakhen Paanv Jis Jamee Pe Vo Jamee Hee Jannat Hai.

हमें मिश्री से भी मीठी तुम्हारी बात लगती है । शायरी | करन मिश्रा

तुम्हारे जुल्फ के साये मे दिन भी रात लगती है, सूरज की चिलचिलाती धूप भी बरसात लगती है । तुम्हारे प्यार में कैसे कहें क्या हाल है अपना, हमें मिश्री से भी मीठी तुम्हारी बात लगती है। Tumhaare Julph Ke Saaye Me Din Bhee Raat Lagatee Hai, Sooraj Kee Chilachilaatee Dhoop Bhee Barasaat Lagatee Hai […]

किसी के दिल के बगिया में महकने की उमर हैं ये। शायरी | करन मिश्रा

चहकने की उमर है ये बहकने की उमर है ये, किसी के प्यार में दर-दर भटकने की उमर है ये । जवानी है वही जो प्यार की राहों में कुर्बान हो, किसी के दिल के बगिया में महकने की उमर हैं ये। Chahakane Kee Umar Hai Ye Bahakane Kee Umar Hai Ye, Kisee Ke Pyaar […]

तेरी खातिर जमाने को भुलाना चाहते हैं हम | शायरी | करन मिश्रा

तेरी खातिर जमाने को भुलाना चाहते हैं हम, तुम्हीं से बस सनम अब दिल लगाना चाहते हैं हम । तेरी मस्ती भरी इन मयकशी मदहोश आंखों में, भुलाकर गम सभी अब डूब जाना चाहते हैं हम। Teree Khaatir Jamaane Ko Bhulaana Chaahate Hain Ham, Tumheen Se Bas Sanam Ab Dil Lagaana Chaahate Hain Ham . […]

ये तो इश्क का बुखार है | शायरी | करन‌ मिश्रा

ना इसमें इतवार है, दिल रोज़ बेकरार है. कोई दवा नहीं इस मर्ज़ की, ये तो इश्क का बुखार है. चेहरे पे ये जो निखार है, तेरे हुस्न का खुमार है. मुश्किल है बच पाना की अब, तीर दिल के आर पार है. Na Esme Itavaar Hai, Dil Roj Bekarar Hai. Koi Dawa Nahi Es […]

दिल मेरा तैयार ना था तेरे इस रवैये के लिए | शायरी | करन‌ मिश्रा

दिल मेरा तैयार ना था तेरे इस रवैये के लिए, रात भर रोता रहा तेरे इस रवैए के लिए। अब तो ये दिल मेरा पत्थर का हो चुका है, अब तो है तैयार ये तेरे हर रवैए के लिए। Dil Mera Taiyar Na Tha Tere Es Ravaiye Ke Liye, Rat Bhar Rota Raha Tere Es […]

लगता है वो मरे नहीं कि जान उनमें बाकी है | शायरी | करन‌ मिश्रा

जिन ख्वाबों पर पाँव रखकर तुम चले गए जाने कहाँ, लगता है वो मरे नहीं कि जान उनमें बाकी है। लेते हैं जाग जागकर वो रातभर सिसकियाँ, लगता है उनमें जीने का अरमान अभी बाकी है। Jin Khwabon Par Paw Rakha Kar Tum Chale Gaye Jane Kahan, Lagata Hai Vo Mare Nahi Ki Jaan Unme […]

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