तेरी खातिर जमाने को भुलाना चाहते हैं हम | शायरी | करन मिश्रा

तेरी खातिर जमाने को भुलाना चाहते हैं हम, तुम्हीं से बस सनम अब दिल लगाना चाहते हैं हम । तेरी मस्ती भरी इन मयकशी मदहोश आंखों में, भुलाकर गम सभी अब डूब जाना चाहते हैं हम। Teree Khaatir Jamaane Ko Bhulaana Chaahate Hain Ham, Tumheen Se Bas Sanam Ab Dil Lagaana Chaahate Hain Ham . […]

ये तो इश्क का बुखार है | शायरी | करन‌ मिश्रा

ना इसमें इतवार है, दिल रोज़ बेकरार है. कोई दवा नहीं इस मर्ज़ की, ये तो इश्क का बुखार है. चेहरे पे ये जो निखार है, तेरे हुस्न का खुमार है. मुश्किल है बच पाना की अब, तीर दिल के आर पार है. Na Esme Itavaar Hai, Dil Roj Bekarar Hai. Koi Dawa Nahi Es […]

सुबह कुछ और शाम को कुछ और तबीयत रहती है | शायरी | करन‌ मिश्रा

सुबह कुछ और शाम को कुछ और तबीयत रहती है, ऐ हुस्न तेरे इश्क में दिल की ऐसी हालत होती है, तू दिखे तो खिल जाती है धूप अपने प्यार, तू ना दिखे तो आखों से सावन की बारिश होती है। Subah Kuchh Aur Sam Ko Kuchh Aur Tabiyat Rahati Hai, Ai Husn Tere Ishq […]

प्यार की राहों से ज़िंदगी यूं गुजर रही है | शायरी‌ | करन‌ मिश्रा

प्यार की राहों से ज़िंदगी यूं गुजर रही है, कभी हंस रही है कभी रो रही है. उम्मीदों के चिरागो का हाल हुआ कुछ ऐसा जल जल के बुझ रही है बुझ बुझ के जल रही है। Pyar Ki Rahon Se Yun Jindagi Gujar Rahi Hai, Kabhi Has Rahi Hai Kabhi Ro Rahi Hai. Ummidon […]

जो जागूँ मैं तुम्हारी भी नींद उड़ जाए । शायरी | करन‌ मिश्रा

तुम्हारा हाल भी हमारे हाल जैसा हो जाए, जो जागूँ मैं तुम्हारी भी नींद उड़ जाए। तुम्हारी रूह हमारी रूह में शामिल हो ऐसे, जो रोऊं मैं तुम्हारी भी आंख भर जाए। Tumhara Hal Bhi Hamare Hal Jaisa Ho Jaye, Jo Jagun Main Tumhari Bhi Neend Udh Jaye. Tumhari Ruh Hamari Ruh Me Samil Ho […]

खिलेंगे फूल जब वो आएँगे | गीत | गजल | शायरी | करन‌ मिश्रा

खिलेंगे फूल जब वो आएँगे, शाम महकेगी जब वो आएँगे। उन्हीं की मयकसी निगाहों से, जाम छलकेंगे जब वो आएँगे। दबी दबी सी तमन्ना दिल की, पंख खोलेंगे जब वो आएँगे । हम अपनी निगाह भरभर के उनको देखेंगे जब आयेंगे । हाय उस गुलबदन की खुशबू से, सांस महकेगी जब वो आएँगे। प्यार की […]

क्या हँसी रात है वो आएं हैं | गीत | गजल‌ | शायरी | करन‌ मिश्रा

जश्न की बात है वो आएं हैं, क्या हँसी रात है वो आएं हैं। जबसे उनका शबाब देखा है, तबसे फिर होश में ना आएं हैं। उनकी फिर एक झलक की खातिर, उनकी खिड़की से दिल लगाएं हैं, दिखे वो चाँद तो मेरी ईद मने, टक-टकी शाम से लगाएं हैं। एक तो सूरत ही उनकी […]

मत पूछ मुझसे मेरा हाल ऐ मह-जबीं | शायरी | करन‌ मिश्रा

मत पूछ मुझसे मेरा हाल ऐ मह-जबीं, तूने ही मुझे हाल से बेहाल किया है। अच्छा भला चंगा था तुझसे मिलने से पहले, तेरे हुस्न के जलवों ने ये कमाल किया है। Mat Puchh Mujhase Mera Hal Ai Mah-jabii. Tune Hi Mujhe Hal Se Behal Kiya Hai. Achha Bhala Changa Tha Tujhase Milane Se Pahale, […]

दिल की बात जुबां तक लाएँ भी तो कैसे | शायरी | करन‌ मिश्रा

दिल की बात जुबां तक लाएँ भी तो कैसे, हाल-ए-दिल उन्हें बतलाएँ भी तो कैसे। डर लगता है बहुत रूठ जाने से उनके, फिर उनसे भला इश्क़ हम फरमाएं भी तो कैसे। Dil Kee Baat Jubaan Tak Laen Bhee To Kaise, Haal-e-dil Unhen Batalaen Bhee To Kaise. Dar Lagata Hai Bahut Rooth Jaane Se Unake, […]

जज्बातों को जुबां तक लाना होगा | शायरी | करन मिश्रा

जज्बातों को जुबां तक लाना होगा, थोड़ा जोखिम उठाना होगा। गर समझते नहीं वो नजरों की भाषा, हाल-ए-दिल गा कर सुनाना होगा। Jajbaton Ko Juba Tak Lana Hoga, Thoda Jokhim Uthana Hoga. Gar Samjhate Nahi Vo Nazaron Ki Bhasa, Hal-e-dil Gaa Kar Sunana Hoga.

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