प्यार की राहों से ज़िंदगी यूं गुजर रही है | शायरी‌ | करन‌ मिश्रा

प्यार की राहों से ज़िंदगी यूं गुजर रही है, कभी हंस रही है कभी रो रही है. उम्मीदों के चिरागो का हाल हुआ कुछ ऐसा जल जल के बुझ रही है बुझ बुझ के जल रही है। Pyar Ki Rahon Se Yun Jindagi Gujar Rahi Hai, Kabhi Has Rahi Hai Kabhi Ro Rahi Hai. Ummidon […]

जो जागूँ मैं तुम्हारी भी नींद उड़ जाए । शायरी | करन‌ मिश्रा

तुम्हारा हाल भी हमारे हाल जैसा हो जाए, जो जागूँ मैं तुम्हारी भी नींद उड़ जाए। तुम्हारी रूह हमारी रूह में शामिल हो ऐसे, जो रोऊं मैं तुम्हारी भी आंख भर जाए। Tumhara Hal Bhi Hamare Hal Jaisa Ho Jaye, Jo Jagun Main Tumhari Bhi Neend Udh Jaye. Tumhari Ruh Hamari Ruh Me Samil Ho […]

खिलेंगे फूल जब वो आएँगे | गीत | गजल | शायरी | करन‌ मिश्रा

खिलेंगे फूल जब वो आएँगे, शाम महकेगी जब वो आएँगे। उन्हीं की मयकसी निगाहों से, जाम छलकेंगे जब वो आएँगे। दबी दबी सी तमन्ना दिल की, पंख खोलेंगे जब वो आएँगे । हम अपनी निगाह भरभर के उनको देखेंगे जब आयेंगे । हाय उस गुलबदन की खुशबू से, सांस महकेगी जब वो आएँगे। प्यार की […]

क्या हँसी रात है वो आएं हैं | गीत | गजल‌ | शायरी | करन‌ मिश्रा

जश्न की बात है वो आएं हैं, क्या हँसी रात है वो आएं हैं। जबसे उनका शबाब देखा है, तबसे फिर होश में ना आएं हैं। उनकी फिर एक झलक की खातिर, उनकी खिड़की से दिल लगाएं हैं, दिखे वो चाँद तो मेरी ईद मने, टक-टकी शाम से लगाएं हैं। एक तो सूरत ही उनकी […]

दिल की बात जुबां तक लाएँ भी तो कैसे | शायरी | करन‌ मिश्रा

दिल की बात जुबां तक लाएँ भी तो कैसे, हाल-ए-दिल उन्हें बतलाएँ भी तो कैसे। डर लगता है बहुत रूठ जाने से उनके, फिर उनसे भला इश्क़ हम फरमाएं भी तो कैसे। Dil Kee Baat Jubaan Tak Laen Bhee To Kaise, Haal-e-dil Unhen Batalaen Bhee To Kaise. Dar Lagata Hai Bahut Rooth Jaane Se Unake, […]

किसको खबर है उसकी ये रात आखिरी है | शायरी | करन मिश्रा

ख्वाबों के जिद्द-ओ-जहद से, गर्दिश में ज़िन्दगी है। किसको खबर है उसकी, ये रात आखिरी है। हर शख्स है भरम में, हर किसी पर नशा छाया। किसको खबर है उसकी, ये बात आखिरी है। सफर की मुश्किलों से, फुरसत कभी नहीं है। किसको खबर ये उनकी, मुलाक़ात आख़िरी है। गर हो सके जो मुमकिन, इस […]

कल रात वो हल्का सा मुस्कुराकर चली गई | शायरी | करन मिश्रा

कल रात वो हल्का सा मुस्कुराकर चली गई, कमबख्त आधी रात में जगाकर चली गई। मैं रात भर खोया रहा उसके ख्यालों में, न जाने कितने हसीन ख्वाब वो दिखाकर चली गई। Kal Raat Vo Halka Sa Mushkurakar Chali Gayi, Kamabakhta Aadhi Raat Me Jaga Kar Chali Gayi. Mai Raat Bhar Khoya Raha Uske Khayalon […]

इश्क़ निशानी छोड़ जाता है | शायरी | करन‌ मिश्रा

इश्क़ निशानी छोड़ जाता है, कोई कहानी छोड़ जाता है। धुंधली पड़ जातीं हैं तस्वीरें मगर, आखों में पानी छोड़ जाता है। Ishq Nishani Chhod Jata Hai, Koi Kahani Chhod Jata Hai. Dhundhali Pad Jati Hain Tashveerein Magar, Aakhon Me Pani Chhod Jata Hai.

उसकी गली में मकान है अपना | शायरी | करन‌ मिश्रा

दिल इसी बात से खुश है बहुत, अब उसकी गली में मकान है अपना। उसकी खिड़की और अपनी निगाहें, अब रात दिन बस यही काम है अपना । Dil Esi Baat Se Khush Hai Bahut, Ab Uski Gali Me Makan Hai Apna. Uski Khidki Aur Apni Nigahen, Ab Raat Din Bas Yahi Kaam Hai Apana.

जो किस्मत में होता है | शायरी | करन‌ मिश्रा

रात कितनी भी काली हो, सवेरा होता जरूर है। जो किस्मत में होता है, एकदिन मिलता जरूर है। Raat Kitani Bhi Kali Ho, Savera Hota Jarur Hai. Jo Kismat Me Hota Hai, Ekdin Milta Jarur Hai.

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