सुबह कुछ और शाम को कुछ और तबीयत रहती है, ऐ हुस्न तेरे इश्क में दिल की ऐसी हालत होती है, तू दिखे तो खिल जाती है धूप अपने प्यार, तू ना दिखे तो आखों से सावन की बारिश होती है। Subah Kuchh Aur Sam Ko Kuchh Aur Tabiyat Rahati Hai, Ai Husn Tere Ishq […]
प्यार की राहों से ज़िंदगी यूं गुजर रही है, कभी हंस रही है कभी रो रही है. उम्मीदों के चिरागो का हाल हुआ कुछ ऐसा जल जल के बुझ रही है बुझ बुझ के जल रही है। Pyar Ki Rahon Se Yun Jindagi Gujar Rahi Hai, Kabhi Has Rahi Hai Kabhi Ro Rahi Hai. Ummidon […]
तुम्हारा हाल भी हमारे हाल जैसा हो जाए, जो जागूँ मैं तुम्हारी भी नींद उड़ जाए। तुम्हारी रूह हमारी रूह में शामिल हो ऐसे, जो रोऊं मैं तुम्हारी भी आंख भर जाए। Tumhara Hal Bhi Hamare Hal Jaisa Ho Jaye, Jo Jagun Main Tumhari Bhi Neend Udh Jaye. Tumhari Ruh Hamari Ruh Me Samil Ho […]
खिलेंगे फूल जब वो आएँगे, शाम महकेगी जब वो आएँगे। उन्हीं की मयकसी निगाहों से, जाम छलकेंगे जब वो आएँगे। दबी दबी सी तमन्ना दिल की, पंख खोलेंगे जब वो आएँगे । हम अपनी निगाह भरभर के उनको देखेंगे जब आयेंगे । हाय उस गुलबदन की खुशबू से, सांस महकेगी जब वो आएँगे। प्यार की […]
जश्न की बात है वो आएं हैं, क्या हँसी रात है वो आएं हैं। जबसे उनका शबाब देखा है, तबसे फिर होश में ना आएं हैं। उनकी फिर एक झलक की खातिर, उनकी खिड़की से दिल लगाएं हैं, दिखे वो चाँद तो मेरी ईद मने, टक-टकी शाम से लगाएं हैं। एक तो सूरत ही उनकी […]
मत पूछ मुझसे मेरा हाल ऐ मह-जबीं, तूने ही मुझे हाल से बेहाल किया है। अच्छा भला चंगा था तुझसे मिलने से पहले, तेरे हुस्न के जलवों ने ये कमाल किया है। Mat Puchh Mujhase Mera Hal Ai Mah-jabii. Tune Hi Mujhe Hal Se Behal Kiya Hai. Achha Bhala Changa Tha Tujhase Milane Se Pahale, […]
दिल की बात जुबां तक लाएँ भी तो कैसे, हाल-ए-दिल उन्हें बतलाएँ भी तो कैसे। डर लगता है बहुत रूठ जाने से उनके, फिर उनसे भला इश्क़ हम फरमाएं भी तो कैसे। Dil Kee Baat Jubaan Tak Laen Bhee To Kaise, Haal-e-dil Unhen Batalaen Bhee To Kaise. Dar Lagata Hai Bahut Rooth Jaane Se Unake, […]
ख्वाबों के जिद्द-ओ-जहद से, गर्दिश में ज़िन्दगी है। किसको खबर है उसकी, ये रात आखिरी है। हर शख्स है भरम में, हर किसी पर नशा छाया। किसको खबर है उसकी, ये बात आखिरी है। सफर की मुश्किलों से, फुरसत कभी नहीं है। किसको खबर ये उनकी, मुलाक़ात आख़िरी है। गर हो सके जो मुमकिन, इस […]
कल रात वो हल्का सा मुस्कुराकर चली गई, कमबख्त आधी रात में जगाकर चली गई। मैं रात भर खोया रहा उसके ख्यालों में, न जाने कितने हसीन ख्वाब वो दिखाकर चली गई। Kal Raat Vo Halka Sa Mushkurakar Chali Gayi, Kamabakhta Aadhi Raat Me Jaga Kar Chali Gayi. Mai Raat Bhar Khoya Raha Uske Khayalon […]
दिल इसी बात से खुश है बहुत, अब उसकी गली में मकान है अपना। उसकी खिड़की और अपनी निगाहें, अब रात दिन बस यही काम है अपना । Dil Esi Baat Se Khush Hai Bahut, Ab Uski Gali Me Makan Hai Apna. Uski Khidki Aur Apni Nigahen, Ab Raat Din Bas Yahi Kaam Hai Apana.