गुजरते वक्त को यूं ही जिसने गुजारने दिया | शायरी‌ | करन‌ मिश्रा
गुजरते वक्त को यूं ही जिसने गुजारने दिया | शायरी‌ | करन‌ मिश्रा

गुजरते वक्त को यूं ही जिसने गुजरने दिया | शायरी‌ | करन‌ मिश्रा

गुजरते वक्त को यूं ही जिसने गुजरने दिया,
उसी शख्स ने अपनी किस्मत को बिगड़ने दिया।
नहीं मिलता है मौका रोज रोज हर किसी को,
वो नादा था जो मौका हाथ से निकलने दिया।

Gujarate Waqt Ko Yun Hi Jisane Gujarane Diya,
Usi Sakhsa Ne Apni Kismat Ko Bigadane Diya.
Nahi Milata Hai Mauka Roj Roj Har Kisi Ko,
Vo Nada Tha Jo Mauka Hatha Se Nikalane Diya.

गुजरते  वक्त को यूं ही जिसने गुजरने दिया | शायरी‌ | करन‌ मिश्रा
गुजरते वक्त को यूं ही जिसने गुजरने दिया | शायरी‌ | करन‌ मिश्रा



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Karan Mishra

करन मिश्रा को प्रारंभ से ही गीत संगीत में काफी रुचि रही है । आपको शायरी, कविताएं एवं‌‌ गीत लिखने का भी बहुत शौक है । आपको अपने निजी जीवन में मिले अनुभवों के आधार पर प्रेरणादायक विचार एवं कहानियां लिखना काफी पसंद है । करन अपनी कविताओं एवं विचारों के माध्यम से पाठको, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करने का प्रयत्न करते हैं ।

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