कौन कहता है कि जन्नत आसमां मे है | शायरी | करन मिश्रा
कौन कहता है कि जन्नत आसमां मे है | शायरी | करन मिश्रा

तू रखें पांव जिस जमीं पे वो जमी ही जन्नत है | शायरी | करन मिश्रा

कौन कहता है कि जन्नत आसमां मे है,
ऐ खुदा तू रखें पांव जिस जमी पे वो जमीं ही जन्नत है।

Kaun Kahata Hai Ki Jannat Aasamaan Me Hai,
Ai Khuda Too Rakhen Paanv Jis Jamee Pe Vo Jamee Hee Jannat Hai.

तू रखें पांव जिस जमी पे वो जमी ही जन्नत है | शायरी | करन मिश्रा
तू रखें पांव जिस जमी पे वो जमी ही जन्नत है | शायरी | करन मिश्रा



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Karan Mishra

करन मिश्रा को प्रारंभ से ही गीत संगीत में काफी रुचि रही है । आपको शायरी, कविताएं एवं‌‌ गीत लिखने का भी बहुत शौक है । आपको अपने निजी जीवन में मिले अनुभवों के आधार पर प्रेरणादायक विचार एवं कहानियां लिखना काफी पसंद है । करन अपनी कविताओं एवं विचारों के माध्यम से पाठको, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करने का प्रयत्न करते हैं ।

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