गाजियाबाद, हाईवे पर तेज रफ्तार से दौड़ती गाड़िया हाईवे पर आज कुछ भीड़ जमा हो रही है, सारी गाड़िया एक के बाद एक रूकती जा रही है। ऐसा क्या हुआ है। ——- भीड़ के सामने से काफी धुंआ उठ रहा है, और आग की तेज लपटे भी उठ रही है, एक कार […]
अंशुमन और प्रदीप दोनों काफी अच्छे दोस्त हैं। दोनों ने मैट्रिक का एग्जाम अभी अभी हाल ही में ही दिया है। प्रदीप अंशुमन से गर्मियों की छुट्टी को अपने साथ बिताने को कहता है। वह गर्मियों की छुट्टियों में अपनी मौसी के घर जा रहा है। अंशुमन प्रदीप से कहता […]
शेर और शेरनी आज बहुत ही मन से निकले थे आज शिकार करने के लिए शेर शेरनी से कहता है शेर – आज तुम जिसका शिकार कहो उसका शिकार करूँ शेरनी – इसमे मेरे कहने का क्या मतलब है जेसे रोज शिकार करते हो वैसे ही जो मिले उसका शिकार करो शेर – फिर भी , हिरन या कुछ […]
रवि एक बड़ा ऐथलीट बनना चाहता था । लेकिन उसे सफलता नही मिल रही थी । हालांकि वह अच्छा दौड़ता था, लेकिन अभी उसे किसी बड़े टूर्नामेंट मे सफलता नही मिली थी। वह इस बात से बहुत ही नाखुश था , रवि के पिता जी रवि को घर मे कई दिनों से उदास देख रहे […]
अगर मैं पक्षी होता। दूर – दूर तक घूमकर आता, अगर मैं पक्षी होता। मम्मी जो बुलाती अंदर आओ- श्याम हो गई , चू- चू कर फिर उड़ जाता, अगर मैं पक्षी होता। खूब देर तक करता अचर- विचर मैं, भूख लगने पर पेड़ से ताज़ा मीठे फल खाता, अगर मैं पक्षी होता। ना पढ़ने […]
निखिल, मनीष, प्रशांत और प्रणव चारों एक ही जगह ट्यूशन पढते थे। चारों काफी अच्छे दोस्त भी थे। मगर वो पढ़ाई में काफी कमजोर थे। एकदिन मास्टर साहब ने उनको कुछ याद करने के लिए दिया । दूसरे दिन ट्यूशन में जब मास्टर साहब आए, तो उन्होंने बारी-बारी से सबको […]
एक बार जंगल में चार भालूओ के बीच मीटिंग चल रही थी। उन्हें जानकारी मिली थी कि पास के ही एक दूसरे जंगल में जीवन के लिए परिस्थितियां काफी ज्यादा बेहतर है। वहां वो ज्यादा खुशहाल रहेंगे। पर एक भालू बरसों से रह रहे अपने जंगल में काफी घूल मिल गया था। उसे जंगल से […]
एक गांव में ध्रुव व धीरज दोनों काफी अच्छे दोस्त रहते थे। दोनों की दोस्ती गांव में एक मिसाल के तौर पर देखी जाती थी। दोनों दोस्त एक दूसरे के खिलाफ कोई बात बर्दाश्त नहीं कर सकते थे, वक्त के साथ-साथ दोनों बड़े होते हैं और देखते ही देखते दोनों की शादी और […]
दो भाई विनीत और पुनीत बचपन से ही चोरी में माहिर थे। चोरी करने में वो इतने निपुण थे, कि उनके चोरी के किस्से दूर दूर तक फेमस थे। एक बार वो दोनों भाइयों ने सोचा कि ये रोज-रोज की छोटी-छोटी चोरियों में मेहनत और जोखिम बहुत है। इन छोटी-छोटी चोरियों से पैसे भी […]
4 अक्टूबर, दिन-मंगलवार, नागपुर, मुम्बई सुबह के सात बज चुके हैं सुबह की धूप हवाओ को चीरती हुई, पंकज के बेड तक जा पहुंच गई है पर पंकज का आलस्य सूरज की सुनहरी किरणो से मानो दो-दो हाथ कर रहा हो, वो अभी उठना नही चाहता है, उसे तो अभी और सोना है […]
