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Karan Mishra

करन मिश्रा को प्रारंभ से ही गीत संगीत में काफी रुचि रही है । आपको शायरी, कविताएं एवं‌‌ गीत लिखने का भी बहुत शौक है । आपको अपने निजी जीवन में मिले अनुभवों के आधार पर प्रेरणादायक विचार एवं कहानियां लिखना काफी पसंद है । करन अपनी कविताओं एवं विचारों के माध्यम से पाठको, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करने का प्रयत्न करते हैं ।

उसकी गली में मकान है अपना | शायरी | करन‌ मिश्रा

दिल इसी बात से खुश है बहुत, अब उसकी गली में मकान है अपना। उसकी खिड़की और अपनी निगाहें, अब रात दिन बस यही काम है अपना । Dil Esi Baat Se Khush Hai Bahut, Ab Uski Gali Me Makan Hai Apna. Uski Khidki Aur Apni Nigahen, Ab Raat Din Bas Yahi Kaam Hai Apana.

जो किस्मत में होता है | शायरी | करन‌ मिश्रा

रात कितनी भी काली हो, सवेरा होता जरूर है। जो किस्मत में होता है, एकदिन मिलता जरूर है। Raat Kitani Bhi Kali Ho, Savera Hota Jarur Hai. Jo Kismat Me Hota Hai, Ekdin Milta Jarur Hai.

कभी जो दिल को हँसाया करते थें | शायरी | करन‌ मिश्रा

कभी नज़रें लड़ाने वाले, आज नज़रें चुरा कर चले गए। कभी जो दिल को हँसाया करते थें, आज वही दिल को रुला कर चले गए। Kabhi Nazarein Ladane Wale, Aaj Nazarein Chura Kar Chale Gayein, Kabi Jo Dil Ko Hasaya Karate The, Aaj Vahi Dil Ko Rula Kar Chale Gayein.

धीरे-धीरे ही सही पर अब ये फासला बढ़ेगा | शायरी | करन‌ मिश्रा

धीरे-धीरे ही सही पर अब ये फासला बढ़ेगा, तू दूर और दूर और दूर चला जाएगा । मैं चाह के भी ख़तम ना कर पाउंगा ये फासले, वक्त के साथ हमारे प्यार का नाम-ओ-निशान मिट जाएगा। Dheere Dheere Hi Sahi Par Ab Ye Faasala Badhega. Tu Dur Aur Dur Aur Dur Chala Jayega.. Mai Chah […]

इश्क ही अब मजहब है मेरा | शायरी | करन‌ मिश्रा

इश्क ही अब मजहब है मेरा, उनका दिल हुआ मेरा ठिकाना. बस उनकी इबादत करना है मुझको, मुझको मक्का-मदीना नहीं जाना. Ishq Hi Ab Majahab Hai Mera, Unka Dil Hua Mera Thikana. Bas Unki Ibadat Karana Hai Mujhako, Mujhako Makka Madina Nahi Jana.

जो हारा वो रावण जो जीता वो राम | मोटिवेशनल कोट्स | करन‌ मिश्रा

ये कलियुग है यारों यहां जो हारा वो रावण जो जीता वो राम। This Is Kaliyuga Friends, Here Whoever Loses Is Ravana And Whoever Wins Is Ram.

उसने मुझको अपना रांझा चुन लिया है | शायरी | करन‌ मिश्रा

मत पूछो इस दिल का आलम ओ‌ यारों, खुदा ने मेरी दुआ सुन‌ लिया है। जिसे चुना है अपनी हीर मैने, उसने मुझको अपना रांझा चुन लिया है। Mat Poochho Is Dil Ka Aalam O Yaaron, Khuda Ne Meri Dua Sun Liya Hai Jise Chuna Hai Apni Heer Maine, Usane Mujhako Apna Ranjha Chun Liya […]

माथे पे बिंदियां आखों में काजल अच्छा लगता है | शायरी | करन‌ मिश्रा

जुल्फों को लटकने दो गालों से अच्छा लगता है, माथे पे बिंदियां आखों में काजल अच्छा लगता है। वैसे इस गुलिस्ताँ में हैं गुल‌‌ के हजारों रंग, तेरे गालों का गुलाबी रंग मुझे अच्छा लगता है। तेरी मेहदीं का गाढ़ा रंग मुझे अच्छा लगता है, तेरी चूड़ी और कंगन मुझे अच्छा लगता है, लगती जन्नत […]

चन्द लम्हों की मुलाकात अच्छी नहीं लगती | शायरी | करन‌ मिश्रा

मिलो गर मुझे तो उम्र भर के लिए, ये चन्द लम्हों की मुलाकात अच्छी नहीं लगती। करनी है गुफ़्तुगू तुमसे सारी सारी रात, ये आधी अधूरी बात अच्छी नहीं लगती। Milo Gar Mujhe To Umra Bhar Ke Liye, Ye Chand Lamhon Ki Mulakaat Achhi Nahi Lagati. Karani Hai Guftagu Tumse Sari Sari Raat, Ye Adhi […]

जनाजे पर ना आना मेरे दोस्त | शायरी | करन‌ मिश्रा

मेरे जनाजे पर ना आना मेरे दोस्त, आँखों से आसुं ना बहाना मेरे दोस्त। जब जीते जी ना दे सके कोई ख़ुशी तो अब, मेरे जाने का गम भी ना मनाना मेरे दोस्त Mere Janaje Par Na Aana Mere Dost, Aankhon Se Aasun Na Bahana Mere Dost. Jab Jite Ji Na De Sake Koi Khushi […]

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