धीरे-धीरे ही सही पर अब ये फासला बढ़ेगा | शायरी | करन‌ मिश्रा

धीरे-धीरे ही सही पर अब ये फासला बढ़ेगा, तू दूर और दूर और दूर चला जाएगा । मैं चाह के भी ख़तम ना कर पाउंगा ये फासले, वक्त के साथ हमारे प्यार का नाम-ओ-निशान मिट जाएगा। Dheere Dheere Hi Sahi Par Ab Ye Faasala Badhega. Tu Dur Aur Dur Aur Dur Chala Jayega.. Mai Chah […]

जनाजे पर ना आना मेरे दोस्त | शायरी | करन‌ मिश्रा

मेरे जनाजे पर ना आना मेरे दोस्त, आँखों से आसुं ना बहाना मेरे दोस्त। जब जीते जी ना दे सके कोई ख़ुशी तो अब, मेरे जाने का गम भी ना मनाना मेरे दोस्त Mere Janaje Par Na Aana Mere Dost, Aankhon Se Aasun Na Bahana Mere Dost. Jab Jite Ji Na De Sake Koi Khushi […]

हाले दिल उन्हें सुनाकर भी क्या फ़ायदा |शायरी | करन‌ मिश्रा

हाले दिल उन्हें सुनाकर भी क्या फ़ायदा, दिल के जख्म उन्हें दिखाकर भी क्या फ़ायदा। जिन्हे परवाह नहीं कोई मेरे जीने या मरने की, उन्ही के रूबरू दो अश्क बहाकर भी क्या फ़ायदा। Hale Dil Unhe Sunakar Bhi Kya Fayada, Dil Ke Jakhm Unhe Dikhakar Bhi Kya Fayada. Jinhe Parwah Nahi Koi Mere Jeene Ya […]

सच्चा झूठा प्यार जताना छोड़ दिया | शायरी | करन मिश्रा

अब समझाना छोड़ दिया, उनको मनाना छोड़ दिया, उनके लौट आने की आस लिए, पीछे-पीछे जाना छोड़ दिया। रोना गाना छोड़ दिया, उनको फुसलाना छोड़ दिया, बात बात पे सच्चा झूठा, प्यार जताना छोड़ दिया। गाना वाना छोड़ दिया, उनको रिझाना छोड़ दिया। जिस गली में था घर उनका, उस गली से जाना छोड़ दिया। […]

हिज्र की रातों में तड़पना पड़ेगा | शायरी | करन मिश्रा

हिज्र की रातों में तड़पना पड़ेगा, हसने से ज्यादा तुझे रोना पड़ेगा। कुर्बानियों से भरी हैं ये प्यार की राहें, पाने से ज्यादा तुझे खोना पड़ेगा। आधी आधी रातों में सिसकना पड़ेगा, छुप छुप के आहें तुझे भरना पड़ेगा। बडा़ मुश्किल है ये इश्क का सफर, कांटो भरी राहों पे तुझे चलना पड़ेगा। Hizra Ki […]

यूं जल के बुझ जाना अच्छा नहीं लगता | शायरी | करन मिश्रा

यूं जल के बुझ जाना अच्छा नहीं लगता, कहकर मुकर जाना अच्छा नहीं लगता. किसी पल हाँ किसी पल ना अदा अच्छी है ये लेकिन, यूं दिल को भरमाना अच्छा नहीं लगता. यूं दिल को सताना अच्छा नहीं लगता, यूं दिल को तड़पाना अच्छा नहीं लगता. जो खेलते हो यूं मेरे इस दिल से तुम […]

न जाने कौन सी बात आखिरी हो | शायरी | करन मिश्रा

न जाने कौन सी बात आखिरी हो, न जाने कौन सी रात आखिरी हो। ठहर के मिल लो घड़ी दो घड़ी क्योंकि, न जाने कौन सी मुलाकात आखिरी हो। Na Jane Kaun Si Baat Aakhiri Ho, Na Jane Kaun Si Raat Aakhiri Ho. Thahar Ke Mil Lo Ghadi Do Ghadi kyonki, Na Jane Kaun Si […]

जाने कब वो खुदा हो गए | शायरी | करन मिश्रा

किया जो इश्क़ हमने, जमाने भर में रुसवा हो गए। चाहा जिसे इंसा समझकर, न जाने कब वो खुदा हो गए। Kiya Jo Ishq Hamne, Jamane Bhar Me Rushwa Ho Gaye. Chaha Jise Insa Samjhkar, N Jane Kab Vo Khud Ho Gaye.

ये उम्र गुजर रही है एक एक रोज बस यूं ही | शायरी | करन मिश्राp

ये उम्र गुजर रही है एक एक रोज बस यूं ही, मैं चलता ही जा रहा हूं एक एक रोज बस यूं ही। ना अब कोई तमन्ना ना कोई ख्वाब बाकी है, मैं जी रहा हूं यारों एक एक रोज बस यूं ही, Ye Umra Gujar Rahi Hai Ek Ek Roj Bas Yun Hi, Mai […]

मोहब्बत के रंग आज दाग हो गए | शायरी | करन मिश्रा

मोहब्बत के रंग आज दाग हो गए, वो हाथ छुड़ाकर बेदाग हो गए। हमें भूल चले वो गुजरे जमाने की तरह, हम भूला ना सके और दागदार हो गए। उन्हें मनाने की जिद्द-ओ-जहद जारी रखी हमने, बस यहीं एक गुनाह किया और गुनाहगार हो गए। मोहब्बत के रंग आज दाग हो गए… .. Mohabbat Ke […]

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