किया जो इश्क़ हमने,
जमाने भर में रुसवा हो गए।
चाहा जिसे इंसा समझकर,
न जाने कब वो खुदा हो गए।
Kiya Jo Ishq Hamne,
Jamane Bhar Me Rushwa Ho Gaye.
Chaha Jise Insa Samjhkar,
N Jane Kab Vo Khud Ho Gaye.

किया जो इश्क़ हमने,
जमाने भर में रुसवा हो गए।
चाहा जिसे इंसा समझकर,
न जाने कब वो खुदा हो गए।
Kiya Jo Ishq Hamne,
Jamane Bhar Me Rushwa Ho Gaye.
Chaha Jise Insa Samjhkar,
N Jane Kab Vo Khud Ho Gaye.

करन मिश्रा को प्रारंभ से ही गीत संगीत में काफी रुचि रही है । आपको शायरी, कविताएं एवं गीत लिखने का भी बहुत शौक है । आपको अपने निजी जीवन में मिले अनुभवों के आधार पर प्रेरणादायक विचार एवं कहानियां लिखना काफी पसंद है । करन अपनी कविताओं एवं विचारों के माध्यम से पाठको, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करने का प्रयत्न करते हैं ।
