तेरे बिन अब जिया ना जाये, जीने में वो मजा ना आए।
कैसी गुजर रही है अब मेरी, किसी से ये भी कहा ना जाए।
Tere Bin Ab Jiya Na Jaye,
Jeene Me Vo Maja Na Aaye.
Kaisi Gujaar Rahi Hai Ab Meri,
Kisi Se Ye Bhi Kaha Na Jaye.

तेरे बिन अब जिया ना जाये, जीने में वो मजा ना आए।
कैसी गुजर रही है अब मेरी, किसी से ये भी कहा ना जाए।
Tere Bin Ab Jiya Na Jaye,
Jeene Me Vo Maja Na Aaye.
Kaisi Gujaar Rahi Hai Ab Meri,
Kisi Se Ye Bhi Kaha Na Jaye.

करन मिश्रा को प्रारंभ से ही गीत संगीत में काफी रुचि रही है । आपको शायरी, कविताएं एवं गीत लिखने का भी बहुत शौक है । आपको अपने निजी जीवन में मिले अनुभवों के आधार पर प्रेरणादायक विचार एवं कहानियां लिखना काफी पसंद है । करन अपनी कविताओं एवं विचारों के माध्यम से पाठको, विशेषकर युवाओं को प्रेरित करने का प्रयत्न करते हैं ।
