गजल सी सूरत गुजरा जब इन हवाओं से में ये तेरी याद दिलाती हैं , यह हवाएं जब पत्तो से होकर आवाज करती हैं तेरी बातो की याद दिलाती हैं , ये जो हिलते हैं पत्ते दांय से बांय तेरी अदाओं की याद दिलाती है , जब गिरते हैं सुखे पत्ते पेड़ से तेरी उदासी […]
स्कूल की पढ़ाई के बाद अशोक जॉब की तलाश में शहर पहुंचा, बड़ी मुश्किल से उसको एक FMCG कंपनी में मार्केटिंग की जॉब मिली हालांकि पैसे बहुत कम थे और शहर बड़ा होने के कारण खर्चे बहुत ज्यादा जॉब के शुरुआती सफर में उसने बड़ी ही लगन और उत्साह का परिचय दिया। […]
दिव्या नगर के राजा के चार पुत्र थे। उनके चारों पुत्रों में तीन पुत्र सभी विद्याओं में निपुण थे। उनके कौशल का गुणगान पूरे दिव्य नगर सम्राज्य के साथ-साथ पड़ोसी राज्य में था । उनके प्रभाव के कारण ही कोई भी शत्रु राज्य पर हमला करने से कतराते थे। राजा भी […]
“सावन” बूंद गिरे जब सावन की, मन में हलचल होती है ।। छम-छम करती पैजनिया सी, नैनन को सुख देती है ।। भीग उठे जब सावन में हम, मन भी पावन हो जाए ।। सावन की इस बरखा में, मन वृंदावन सा हो जाए ।। बरसों-बरस से प्यासे से मन की, प्यास बुझावन देती है […]
शहर में एक गल्ले की बड़ी सी दुकान थी। दुकानदार ने जरूरत के मुताबिक ढेर वर्कर रख रखे थे। वैसे तो अधिकांशतः उसके पास माल ढुलाई का ही काम था। मगर उसके पास कुछ लिखने पढ़ने और सामान की पैकिंग आदि का भी काम था। एकदिन उस दुकान पर […]
एक छोटे से मकान मे रहने वाला किशन ने अपने मकान मे ही एक दुकान खोल रखा था। जिसमें वो स्टेशनरी के सामान बेचता था। वो अत्यंत गरीब था। गरीबी और परेशानियों ने उसकी पत्नी मन्जू को अत्यंत चिड़चिड़ा बना दिया था। वो अपने छोटे से बेटे पर बात-बात […]
एक गाय ने कुछ दिनों पहले ही एक बच्चे को जन्म दिया। वो उसे खूब प्रेम करती। उसे कभी खुद से दूर नहीं जाने देती। बछड़ा भी मां के हमेशा पास ही रहता, हमेशा उसके साथ साथ चलता। एक बार दोनों मैदान में घास चर रहे थे। सर्दियों का मौसम […]
जेब्रा का जीवनकाल अन्य शाकाहारी जानवरों की तरह ही होता है उसे भी शिकारी जानवरों के साथ लड़ते हुए जीना पड़ता है लेकिन वह जीना नही छोड़ते वह संघर्ष करते हैं जब गर्मियों का मौसम शुरू होता हे तो उसके बाद से उनका प्रवास शुरू हो जाता है, जेब्रा छोटे छोटे झुण्ड में होते है […]
राजीव सर – आप सब नाटक की अच्छी तरह से तैयारी कर ले ,अपने किरदार को अच्छे से प्रस्तुत करने के लिये थोड़ी और मेहनत करें । मनोज –सर ये नाटक तो हम कई बार कर चुके हैं फिर एक दो रिहल्सल काफी है , हम तीन दिन से इसका रिहल्सल कर रहे हैं । […]
प्रोफेशर – क्या बात है सौरभ आज कल तुम क्लास में कम दिखाई देते हो , कोई प्रॉब्लम है तो बताओ सौरभ – सर वह दोस्त ने जन्मदिन की पार्टी दी थी इसलिए कल नहीं आ पाया था । प्रोफेशर – कल ही नहीं तुमको कई दिनों से देख रहा हूँ तुम क्लास में नही दिखते […]
